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CSR | सीएसआर मैनेजर कैसे बनें?

आज के इस लेख में हम चर्चा कर रहे हैं कि-  कॉर्पोरेट की सामाजिक जिम्मेदारी या  Corporate Social Responsibility ( CSR ) सेक्टर में कैसे  आगे ब...

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आज के इस लेख में हम चर्चा कर रहे हैं कि- कॉर्पोरेट की सामाजिक जिम्मेदारी या Corporate Social Responsibility (CSR) सेक्टर में कैसे आगे बढ़ सकते हैं। यदि आप भी अपना करियर 'सोशल सेक्टर' में बनाना चाहते हैं, तो यह लेख आपके लिए बहुत ही लाभदायक हो सकता है।

How to become a CSR Manager?

अगर लोगों की मदद करना आपको अच्छा लगता है। एनवायरमेंट के बारे में चिंतन करते हैं। एनिमल वेलफेयर में काम करते हैं, या बहुत ज्यादा इंटरेस्ट रखते हैं। तो किस तरह से क्लाइमेट चेंज के ऊपर काम किया जा सकता है। अगर आप स्कूल में हैं और कॉलेज में जाने वाले हैं किस तरह से सोशल वेलफेयर में खुद को आगे ले जाया जा सकता है। सीएसआर सेक्टर कैसे आपके लिए बहुत अच्छा Lucrative career हो सकता है। 

जब आप स्कूल खत्म करेंगे आपको कौन से कॉलेज में जाना चाहिए। किस तरह के कोर्स को Adopt करना चाहिए। कब सोशल सेक्टर में जा सकते हैं? किस तरह की कंपनियों में काम कर सकते हैं? क्या काम कर सकते हैं? किस तरह के प्रोफाइल में जा सकते हैं? अगर ये सारी जानकारी चाहिए तो इस लेख को अंत तक जरूर पढ़िए। यहां आपको पूरा रोड मैप मिलने वाला है।

यहां बहुत क्लियरली समझ में आ जाएगा किस तरह से आप अपने करियर में सक्सेस फुल हो सकते हैं और अपने पैशन के साथ एक अच्छा प्रोफेशन बना सकते।

यानि इसके लिए कोई एक स्पेसिफिक डिग्री लेना ज़रूरी नहीं है। जैसे कि डॉक्टर बनने के लिए एमबीबीएस करना ज़रूरी होता है। इंजीनियर बनने के लिए जेईई करना जरूरी है या इंजीनियरिंग के लिए बीटेक करना जरूरी है।

आप सोशल सेक्टर में जाने के लिए कोई भी डिग्री ले सकते है। किसी भी तरह की पढ़ाई कर सकते हैं। यहां आराम से आगे बढ़ा जा सकता है। इसलिए सबसे अच्छी बात यह है कि आप जो कुछ भी लाइफ में सीखेंगे, जो कुछ भी आप करेंगे, सब कुछ काम आने वाला है।

उसे यूटिलाइज करने के लिए बहुत सारे प्रोफेशनल्स की आवश्यकता है। आप फ्यूचर में जब कॉलेज की पढ़ाई पूरी करके जब कॉर्पोरेट करियर में आएंगे या अपने करियर में आगे बढ़ेंगे तो यहां आपके लिए बहुत अच्छी अपॉर्चुनिटी हो सकती है।

अगले पांच से 10 साल के अंदर जो मैं ₹00 करोड़ जो बता रहा हूं यह ₹00 करोड़ बढ़कर ₹1 लाख करोड़ का बजट हो सकता है। इसलिए सीएसआर सेक्टर बहुत ही अच्छी अपॉर्चुनिटी है। अगर आप अपने आप को शुरू से ही सही रास्ते पर ले कर चलेंगे तो यह बहुत अच्छा रहेगा।

सीएसआर में कंपनियां किस तरह का काम कर सकती हैं। सीएसआर में एजुकेशन के लिए काम कर सकती हैं। एनवायरमेंट के लिए कर सकती हैं। वुमेन एंपावरमेंट के लिए काम कर सकती हैं। बच्चों को स्कॉलरशिप दे सकती हैं। स्कूल बना सकती हैं, प्लांटेशन कर सकती हैं।

सोचिए कि अगर कंपनी के पास 100 करोड़ का सीएसआर फंड है और उसे खर्च करना भी है तो खर्च करने के लिए कुछ लोगों की आवश्यकता होगी और वो वही लोग होंगे जो प्रोफेशनल होंगे जो अच्छे से समझते होंगे। जो बजटिंग समझते होंगे, जो प्रोजेक्ट प्लानिंग समझते हैं, जो पार्टनरशिप समझते हैं, जो सब्जेक्ट को समझते हैं, जो कम्युनिटी को समझते हैं, मॉनिटरिंग एंड इवैल्यूएशन कर सकते हैं। इन सारी बातों को समझने वाले लोगों की आवश्यकता है।

सीएसआर एक सिंपल जॉब नहीं है। सीएसआर से आप सोशल इंपैक्ट क्रिएट करते हैं। सोचिए एक बच्चे को आप अगर स्कॉलरशिप देते हैं लेकिन उसका इंपैक्ट निकल के आया और वो आज बन गया सुंदर पिचई वो बन गया बाबा साहेब अंबेडकर। तो इस तरह से आप एक बच्चे को स्कॉलरशिप देकर कितना बड़ा इंपैक्ट समाज में लेकर आते हैं।

इसी तरह से आप एक महिला को अगर एंपावर करते हैं तो अपने पूरे परिवार की देखभाल कर सकती है। उसका परिवार अगर अच्छा होगा तो उसके बच्चे अच्छी पढ़ाई करेंगे। बच्चे अच्छी पढ़ाई करेंगे तो आगे चलकर अच्छे करियर में जाएंगे। अच्छे सिटीजन बनेंगे तो उसका इंपैक्ट लॉन्ग टर्म निकल के आता है। 

तो स्टूडेंट्स के लिए सबसे बड़ा सवाल आता है कि अगर आपको सीएसआर में जाना है तो कौन सा कोर्स करना चाहिए? यह अक्सर स्टूडेंट्स का प्रॉब्लम होता है।

स्पेशली जब 12th आप करते हैं तो आपको लगता है क्या करना चाहते हैं? तो देखिए अगर आपको सोशल सेक्टर में जाना है तो आप कई सारे कोर्सेज हैं। वैसे आप कोई भी कोर्स कर सकते हैं जो मैंने बताया और उस कोर्स के माध्यम से भी आप इसमें आ सकते हैं। लेकिन सोचिए कि अगर आपको सोशल वर्क में जाना है तो आप बैचलर ऑफ सोशल वर्क बीएसडब्ल्यू कर सकते हैं। आप एमएसडब्ल्यू कर सकते हैं। आप एंड मैनेजमेंट के थ्रू आना चाहते हैं तो आप बीबीए कर सकते हैं। एमबीए कर सकते हैं। आप साइकोलॉजी की पढ़ाई कर सकते हैं। आप डेवलपमेंट स्टडीज में आप पढ़ाई कर सकते हैं। अगर आपको मैथ्स अच्छा लगता है, आपको डाटा अच्छा लगता है, आप, आप इकोनॉमिक्स की पढ़ाई कर सकते हैं। आप इंजीनियरिंग कर सकते हैं।

अगर आप डॉक्टर भी बनेंगे तो डॉक्टर भी सोशल वर्क का काम कर सकते हैं। अगर आप मास कम्युनिकेशन कर रहे हैं। आप जर्नलिज्म का कोर्स कर रहे हैं। आप कम्युनिकेशन के ऊपर काम कर रहे हैं। आप डिजिटल मीडिया की पढ़ाई कर रहे हैं। अगर आप एग्रीकल्चर की पढ़ाई करते हैं तो आप एग्रीकल्चर के ऊपर काम कर सकते हैं। आप क्लाइमेट चेंज के ऊपर काम कर सकते हैं।

किस तरह से फार्मर्स की इनकम को बढ़ाने के लिए काम किया जा सकता है। कौन-कौन सी नई टेक्नोलॉजीस जो फार्मिंग सेक्टर में आ सकती है। किस तरह से आप फूड ग्रेंस को आप बढ़ाने के लिए काम कर सकते हैं। इस तरह से एग्रीकल्चर सेक्टर में काम करके आप CSR Sector में आराम से एंटर हो सकते हैं।

अब बात आती है कि अगर आपको पढ़ाई करनी है तो सबसे जरूरी सवाल आपके मन में आता है कि किस कॉलेज से पढ़ाई करनी चाहिए? या किस कॉलेज से ज्यादा जरूरी है?

यहां हमारी सलाह है कि आपको यह देखना चाहिए कि-

  • उस कॉलेज की फैकल्टीज कैसी हैं?
  • उस कॉलेज का एलुमिनाई नेटवर्क कैसा हैं?
  • उस कॉलेज से जो ऑलरेडी पास आउट हो चुके हैं, वो कहां जॉब करते हैं?
  • क्या वहां इंटर्नशिप अपॉर्चुनिटी मिलती है, या नहीं?
  • क्या वहां वॉलंटियरिंग करने की अपॉर्चुनिटी मिलती है, या नहीं?
  • क्या वहां प्रैक्टिकल एक्सपोज़र का मौका मिलता है, या नहीं?
आपको इन सारी बातों को आपको समझना होगा। कॉलेज चूज़ करने से पहले आपको यह भी देखना पड़ेगा कि उस कॉलेज में प्लेसमेंट कैसे है? उस कॉलेज में जो विजिटिंग फैकल्टीज आते हैं उनके क्या प्रोफाइल्स हैं? जो आपको फील्ड एक्सपोज़र मिलता है उनमें कहां-कहां आपको ले जाते हैं? किस तरह के NGOs के साथ आपको एक्सपोज़र करने का मौका मिलता है। किस तरह के केस स्टडीज आपके कॉलेज के अंदर हैं उन सबको समझकर कॉलेज चूज़ करना चाहिए।

अगर आप इन सब बातों को समझ पा रहे हैं तो यहां आपके लिए कुछ कॉलेजेस के सुझाव एग्जांपल के तौर पर दे सकता हूं। वैसे बहुत सारे कॉलेजेस आप कहीं से भी कर सकते हैं लेकिन कुछ फेमस कॉलेजेस हैं जहां से आप कोर्स कर सकते हैं। जैसे -

  • TISS | Tata Institute of Social Sciences -  टाटा इंस्टट्यूट ऑफ़ सोशल साइंस (टिस) - डेफिनेटली इंडिया में सबसे पॉपुलर इंस्टट्यूट है।
  • IRMA | Institute of Rural Management Anand - इरमा भी बहुत ही फेमस इंस्टट्यूट है। इसी तरह से झारखंड के रांची में
  • XISS | Xavier Institute of Social Science - आप यहां से भी सोशल स्टडीज की पढ़ाई कर सकते हैं। सोशल वर्क की तैयारी कर सकते हैं। इसके अलावा
  • Delhi University - दिल्ली यूनिवर्सिटी से भी आप अच्छा Master of Social Work (MSW) का कोर्स कर सकते हैं या सोशल स्टडीज में आप बैचलर और पोस्ट ग्रेजुएशनंस कर सकते हैं।
  • JMI | Jamia Millia University - जामिया मिलिया यूनिवर्सिटी से बहुत सारे लोग सोशल स्टडीज में बैचलर और पोस्ट ग्रेजुएशनंस करते हैं। वो कई सारी कंपनियों के सीएसआर मैनेजर्स हैं।
अब यहां बात आती है कि जब कॉलेज कर रहे हैं, तो कौन-कौन सी स्किल्स अच्छे से सीखनी चाहिए जिससे कि रास्ता सोशल सेक्टर में एंटर होने के लिए आसान हो जाए और एक अच्छी पोजीशन के साथ आप शुरुआत कर सके।

यहां सबसे जरूरी जो बताना चाहता हूं वो है Excel। आपको एक्सेल में जितना ज्यादा आप मास्टर बनेंगे उतना अच्छा रहेगा। एक्सेल में मास्टर बनते हैं तो आप डेटा को समझने लगते हैं।

डेटा एनालिसिस करना सीख जाते हो और जितना अच्छा डेटा एनालिसिस करेंगे उतनी अच्छी आप इंपैक्ट रिपोर्ट क्रिएट कर पाएंगे। उतनी अच्छी आप बजटिंग कर पाएंगे, उतने अच्छे से डेटा को समझ पाएंगे।

इसलिए आपको एक्सेल सीखना बहुत जरूरी है। दूसरी इंपॉर्टेंट चीज जो सबसे ज्यादा जरूरी है वो PowerPoint Presentation। वैसे आजकल आप cवा का इस्तेमाल करते हैं। cवा में बहुत अच्छे प्रेजेंटेशन बनते हैं। डेफिनेटली एआई के माध्यम से भी आप प्रेजेंटेशन बना सकते हैं। लेकिन यह समझना ज्यादा जरूरी है कि कौन से फीचर्स को कहां डालना है। एआई आपका असिस्टेंट हो सकता है, लेकिन आपका मास्टर नहीं होना चाहिए।

यानि आपको Power Point सीखना बहुत जरूरी है। अच्छी स्लाइड्स बनाना, अच्छे प्रेजेंटेशन बनाना, किसी बात को बहुत ही अच्छे से प्रेजेंट करना आपको बहुत अच्छे से आना चाहिए। आपको कम्युनिकेशन सीखना चाहिए। आप किस तरह का ईमेल भेजना है वो आना चाहिए। प्रॉपर ईमेल ड्राफ्ट करना आना चाहिए। आपको अपनी बात को अगर सोशल मीडिया में प्रेजेंट करना है तो किस तरह से स्टोरी पोस्ट की जाती है। आपको रिपोर्टिंग आना चाहिए। किस तरह से आपको अलग-अलग तरह के प्रोजेक्ट्स की रिपोर्ट बनाते हैं।

जब आप Internship करने जा रहे हैं या Volunteering करने जा रहे हैं तो कोशिश करें कि जिनके साथ भी आप काम कर रहे हैं उनकी एक प्रॉपर रिपोर्ट बना कर दें और उनसे Feedback जरूर लें। आप ये फीडबैक लें कि जो मैंने रिपोर्ट बनाई है वो ठीक है कि नहीं है। या उसमें अभी और इंप्रूवमेंट की जरूरत है जो मैं कर सकता हूं।

इस तरह से आपको ये Skills सीखनी बहुत जरूरी है। जैसे ही आपका Graduation पूरा होता है तो आप सीएसआर और ऑर्गेनाइजेशन में आप जाना चाहते हैं, सीएसआर फाउंडेशन में जाना चाहते हैं तो आप हमेशा यह मत देखिए कि मुझे सीएसआर मैनेजर का जॉब मिलेगा तभी मैं जाऊंगा। आपको कम से कम तीन से 5 साल आपको जितना ज्यादा हार्ड वर्क कर सकते हैं, जितना ज्यादा फील्ड एक्सपोज़र ले सकते हैं, आपको लेना चाहिए। क्योंकि जितना ज्यादा फील्ड एक्स जितना ज्यादा आपका फाउंडेशन मजबूत होगा उतनी ही जल्दी आप आगे बढ़ेंगे।

मतलब एक्सप्पोनेंशियल ग्रोथ करने के लिए आपका ग्राफ धीरे-धीरे चलता है। फिर एक साथ आगे बढ़ता है। तो आपको एक्सप्पोनेंशियल ग्रोथ का पाथ लेना चाहिए। इसलिए कोशिश करें, अगर आपको सीएसआर मैनेजर का जॉब नहीं मिल रहा है तो सीएसआर एसोसिएट का जॉब ले सकते हैं। सीएसआर कोऑर्डिनेटर ले सकते हैं। प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर हो सकते हैं। प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर हो सकता है। फील्ड एग्जीक्यूटिव हो सकता है। आप फील्ड मोबिलाइजर हो सकते हैं। फील्ड कोऑर्डिनेटर हो सकते हैं। आप मॉनिटरिंग एंड इवैल्यूएशन एसोसिएट हो सकते हैं।

किसी भी प्रोफाइल में आपको जो एंट्री मिलती है, सबसे पहले आपको वो कोशिश करना चाहिए। एंट्री मिलना जरूरी है। आपको कितना पैकेज मिल रहा है। अच्छा मिल गया तो बहुत अच्छी बात है। लेकिन पैकेज के पीछे भागने की बजाय आपको एक्सपोज़र के पीछे भागना चाहिए। तो जब आप कॉलेज में हैं तो आपको प्रैक्टिकल एक्सपोज़र लेना बहुत जरूरी है। और यहीं पर एक दूसरी बात आती है नेटवर्किंग। तो नेटवर्किंग आप जितना ज्यादा करेंगे आप देखिए अलग-अलग ऑर्गेनाइजेशंस के जो सीएसआर फाउंडेशंस हैं, सीएसआर कंपनीज़ हैं, उनके पेज को आप फॉलो कीजिए। सीएसआर मैनेजर्स हैं, उनको आप लाइक करिए। उनको कमेंट करिए उनके पोस्ट को और उनके साथ कोशिश करिए कि कोई इवेंट हो रही है, कोई कॉन्फ्रेंस हो रही है या आपके यहां पर वो एज ए गेस्ट आ रहे हैं। उनके साथ आप नेटवर्किंग कीजिए। उनके उनको आप वॉलंटियर करने का कोशिश उनको बोलिए सर आपके यहां कोई भी ऐसा काम होता है जो मैं कर सकता हूं। आप स्ट्रेच करिए अपना टाइम। जितना ज्यादा आप टाइम देंगे उतना फायदा होगा।

नेटवर्किंग आप करेंगे तो दो-तीन साल के टाइम में इतना अच्छा आप नेटवर्क बना लेंगे कि जैसे ही पास आउट होंगे, हो सकता है कैंपस इंटरव्यू अगर वहां होते हैं तो वही लोग आपको कैंपस में लेने आ जाए जिनके साथ आपने नेटवर्किंग की हुई है तो आपका तो इंटरव्यू से सिलेक्शन बहुत ही आसानी से हो जाएगा। तो इस तरह से आपकी एंट्री बहुत ही आसान हो जाएगी।

मैं फाइनली फ्रेशर्स के लिए एक फार्मूला देता हूं। आपको एजुकेशन प्राप्त करनी है। मतलब एक डिग्री प्राप्त करनी है। एक प्रॉपर तरीके से पढ़ाई करनी है। आपको इंटर्नशिप करनी है। उससे आपको एक्सपीरियंस गेन करना है। एक्सपीरियंस के साथ आपको स्किल गेन करनी है। अलग-अलग स्किल जैसे मैंने बताया था उन स्किल्स के ऊपर आपको एक्सपर्टीज लेकर आनी है। और एक स्किल के साथ आपको नेटवर्किंग करनी है।

ये चार चीजें बताई हैं- एजुकेशन, इंटर्नशिप, स्किल एंड नेटवर्किंग। ये चार चीजें अगर आप कर लेते हैं तो आपका रास्ता बहुत ही आसान होने वाला है। तो इस तरह से आपको सीएसआर सेक्टर में एक अच्छी और मनपसंद की प्रोफाइल मिल सकती है।

सबसे अच्छी बात यह है सीएसआर सेक्टर में जो लोग काम करते हैं उन लोगों के लिए Passion and Profession एक ही होता है। उनके लाइफ में थकान जैसी चीज देखने को नहीं मिलती। आप जितना भी काम करेंगे उतना ज्यादा आपको खुशी मिलेगी।

सोचिए आप ऐसा काम कर रहे हैं जिसमें आपको खुशी मिलती है और उसके लिए आपको पैसे मिल रहे हैं। तो इससे अच्छी बात और क्या हो सकती है कि आज जो आपका इंटरेस्ट है वही आपका पैशन बन गया। जो आपका पैशन है वही आपका प्रोफेशन बन गया और इस तरह से आप एक अच्छे करियर की तरफ आगे बढ़ते हैं।

अगर आप किसी कॉर्पोरेट में ऑलरेडी काम कर रहे हैं और आप सीएसआर डोमेन में अपने आप को मूव करवाना चाहते हैं तो आपको क्या करना चाहिए? इन सारी बातों को सीखने के लिए आपको हमारे अगले लेख को पढ़ना होगा, जिससे कि आपका सीएसआर में मूवमेंट बहुत ही आसान हो जाएगा।

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