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[PDF] Vitamin Zindagi By Lalit Kumar

आज की चर्चा में हम जानेंगे Author- Lalit Kumar की किताब  Vitamin Zindagi के बारे में।  विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) का अनुमान है कि ...

Lalit-Kumar-Vitamin-Zindagi

आज की चर्चा में हम जानेंगे Author- Lalit Kumar की किताब Vitamin Zindagi के बारे में। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) का अनुमान है कि दुनिया की 15% से ज़्यादा आबादी यानी कि 130 करोड़ लोग, दिव्यांग हैं। इस वजह से, यह समूह दुनिया भर में सबसे बड़ा अल्पसंख्यक समूह है। ये आपको इस लिए बताया जा रहा कि लेखक- ललित कुमार एक दिव्यांग हैं, इस के बावजूद उन्होंने अपने जीवन में बड़ा मुकाम हासिल किया है। Lalit बताते हैं कि Vitamin Zindagi एक किताब नहीं बल्कि एक जीवन है- एक ऐलान है कि इंसान अपनी परिस्थितियों से कैसे जीत सकता है।

Vitamin Zindagi किताब में क्या है?

हम सब के अंदर ढेर सारा ऊहा-पोह है, हम भ्रमित हैं, हम भविष्य को लेकर डरे हुए और चिंतित हैं, हमें पता नहीं है कि हम यहाँ क्यों हैं? ढेर सारे सवाल हमारे ही इर्द-गिर्द मकड़ी के जालों की तरह फैले हुए हैं, जिसका जवाब हम निरंतर खोज रहे हैं। जीवन में एक के बाद एक समस्याएँ आती रहती हैं। और आपको लगता है कि आपके ज़िन्दगी की समस्याएँ खत्म नहीं होंगी?

तो क्या आप ज़िन्दगी से हार मान रहे हैं? जिस तरह शरीर को विभिन्न विटामिन चाहिए, उसी तरह मन को भी आशा, विश्वास, साहस और प्रेरणा जैसे विटामिनों की ज़रूरत होती है। लेखक- ललित कुमार इन सभी को मन-विटामिन कहते हैं। हमारा सामना समस्याओं, संघर्ष, चुनौतियों और निराशा से होता ही रहता है। ज़िन्दगी की जंग जीतने के लिए जरूरी है Lalit Kumar की ये किताब Vitamin Zindagi का होना।

विटामिन ज़िन्दगी की चंद मार्मिक पंक्तियाँ

Lalit-Kumar-With-Vitamin-Zindagi.png
    • बैसाखियों पे सधी ज़िन्दगी
    • बैसाखियों पे बंधी ज़िन्दगी
    • बैसाखियों पे चली ज़िन्दगी
    • बैसाखियों से बनी ज़िन्दगी
    • बैसाखियों पे खड़ी ज़िन्दगी
    • बैसाखियों पे लड़ी ज़िन्दगी
    • बैसाखियों से बड़ी ज़िन्दगी

एक-एक साँस लेते हुए आज तक न जाने कितनी ही बार हमारा सीना घटा और बढ़ा है। हम सभी असंख्य पल जी चुके हैं... लेकिन उनमें से कुछ चुनिंदा पल ही आज हमें याद हैं। यह पुस्तक वैसे ही पलों का एक व्यक्तिगत दस्तावेज़ है। एक बच्चा जिसके दोनों पैर 4 साल की उम्र में ही पोलियो ग्रसित हो गये, कैसे जूझते हुए उसने अपने समाज में अपना एक अहम मुकाम बनाया, यह किताब उसी की कहानी कहती है। जीवन में आने वाली तमाम चुनौतियों को लेखक ने किस तरह अवसर में बदला, यह उसी सकारात्मकता की कहानी है।


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Lalit-Kumar-Profile-Photo
Lalit Kumar
बीमारी या दुर्घटना किसी व्यक्ति को शारीरिक रूप से विकलांग बना सकती है, लेकिन उसे अक्षम या अयोग्य हमारा समाज बनाता है!
— Lalit Kumar, Founder of Evara Foundation
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Vitamin-Zindagi-Book-Frontcover

विटामिन ज़िन्दगी के कुछ संपादित अंश

“दूसरे चरण में माँसपेशियों की कमज़ोरी और अधिक बढ़ना शुरू होती है और फिर आगे बढ़ती ही चली जाती है। इसी दूसरे चरण को पोस्ट पोलियो सिन्ड्रोम कहा जाता है।”

“पोलियो के शिकार क़रीब 50% लोगों को Post Polio Syndrome (P.P.S.) का सामना करना पड़ता है। चूँकि P.P.S. का प्रमुख लक्षण माँसपेशियों की कमज़ोरी और थकान है, इसलिए इस स्थिति को पहचान कर पाना काफ़ी कठिन होता है।”

“यह तय करना मुश्किल होता है कि कमज़ोरी P.P.S. के कारण है या कोई अन्य बीमारी (या उम्र) माँसपेशियों को कमज़ोर कर रही है।”

“P.P.S. होने पर पीड़ित व्यक्ति को लगातार थकान रहती है, माँसपेशियाँ पहले जितना काम नहीं कर पाती और माँसपेशियों व जोड़ों में दर्द बना रहता है। P.P.S. प्रगतिशील है, यानी यह स्थिति समय के साथ और अधिक बिगड़ती है। इस समस्या का कोई इलाज नहीं है।”

“डॉक्टरों की सलाह केवल यह होती है कि शरीर को थकाया न जाए, ऐसे हल्के व्यायाम किए जाएँ जिनसे थकान न हो, संतुलित आहार लिया जाए, वज़न को बढ़ने से रोका जाए, और व्हीलचेयर जैसी चीज़ों का प्रयोग किया जाए।”

Unusual Extraordinary-Lalit Kumar
Unusual Extraordinary - Lalit Kumar

असामान्य से असाधारण तक का सफ़र

मित्र Lalit Kumar का सफ़र ‘असामान्य से असाधारण’ तक का सफ़र है। पोलियो जैसी बीमारी ने उन्हें सामान्य से असामान्य बना दिया, लेकिन अपनी मेहनत और जज़्बे के बल पर उन्होंने स्वयं को साधारण भीड़ से इतना अलग बना लिया कि वे असाधारण हो गए। इसी सफ़र की कहानी समेटे यह किताब ज़िन्दगी के विटामिन से भरपूर है। इस किताब में सभी के लिए कुछ-न-कुछ है जो हमें हर तरह की परिस्थितियों का सामना करना सिखाता है।

आज कुछ अच्छा पढ़ना चाहते हैं तो विटामिन ज़िंदगी Mobile में Amazon Kindle पर पढ़ सकते हैं। या यहां से विटामिन जिंदगी बुक पीडीएफ डाउनलोड कर सकते हैं।

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E-Book Title Vitamin Zindagi
Country of Origin India
Publisher HindYugm
Paperback Published Date 01 Jan 2019
Author Lalit Kumar
Language Hindi
Rating 320
Paperback Price 198.00
Paperback Page 256 Page
Paperback Dimensions 13.97 x 2.54 x 20.96 cm
Paperback Weight 590 gram
PDF Size 2.18 mb
Download Source www.indianpdf.com
PDF Download Link Avaliable

Vitamin Zindagi Book PDF Download in Hindi


ललित के अनुसार ज़िन्दगी की जंग जीतने के लिए Vitamin Zindagi जैसा Capsule सभी के पास होना जरूरी है। आप चाहे तो यहां से भी Vitamin Zindagi Book PDF Download कर सकते हैं!

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